बच्चों के लिए रात में अतिरिक्त कमाई करने निकले 4 युवक, सुबह घर पहुंचीं लाशें, उज्जैन हादसे की रुला देने वाली कहानी

किसी को चार बच्चों की चिंता थी, तो कोई अपनी चार साल की बेटी का भविष्य संवारना चाहता था। किसी के घर दिवाली की तैयारी हो रही थी, तो किसी ने बच्चों के लिए नए कपड़े और खिलौने खरीदने का सपना देखा था। लेकिन थोड़ी सी अतिरिक्त कमाई की चाह में चार युवक ऐसे मौत के चैंबर में उतर गए, जहां से फिर कभी बाहर नहीं लौट सके।


